Kamasutra

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नायकस्यानुरागं च पुनश्च रतिकौशलम् । प्रार्थनां चाधिकस्त्रीभिरवष्टम्भं च वर्णयेत् ॥ ६५ ॥

She describes the hero's passion, his skill in sexual practices. She exaggerates his successes with women and his wealth.

english translation

नायक के अनुराग और रतिकौशल का वर्णन करे। नायिका से भी अधिक रूपवती, धनवती और शीलवती स्त्रियों की प्रार्थना को बताये कि ये स्त्रियाँ भी उस पर अनुरक्त हैं। साथ ही, नायक के दृढ़ निश्चय को भी प्रकटित करे ॥ ६५ ॥

hindi translation