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भवन्ति चात्र श्लोकाः- विधवेक्षणिका दासी भिक्षुकी शिल्पकारिका । प्रविशत्याशु विश्वासं दूतीकार्य च बिन्दति ॥ ६३ ॥

On this subject, here is a verse: "Widows, fortunetellers, slaves, beggars, worker women who frequent the house and whom one trusts, can easily carry out the messenger's task."

english translation

इस विषय में आनुवंश्य श्लोक उद्धृत करते हैं- विधवा, शकुन बताने वाली, दासी, भिक्षुणी, महावर लगाने एवं बाल संवारने वाली नाइन- ये शीघ्र ही प्रविष्ट होकर विश्वासपात्र बन जाती हैं और फिर दूती का काम करने लगती है ॥ ६३ ॥

hindi translation

bhavanti cAtra zlokAH- vidhavekSaNikA dAsI bhikSukI zilpakArikA | pravizatyAzu vizvAsaM dUtIkArya ca bindati || 63 ||

hk transliteration by Sanscript