Kamasutra
भवन्ति चात्र श्लोकाः कन्याभियुज्यमाना तु ये मन्येताश्रयं सुखम् । अनुकूलं च वश्यं च तस्य कुर्यात्परिग्रहम् ॥ ४८ ॥
One must marry a girl who is desirous ofbeing united, who dreams of the happiness of being protected, who is obliging and submissive.
english translation
इस विषय में कुछ आनुवंश्य श्लोक दे रहे हैं- सुखों का आश्रय, अनुकूल और वश्य अपने उपायों से वर का चयन करती हुई कन्या, जिसे सुखों का आश्रम, चित्तवृत्ति के अनुकूल चलने वाला और यथोक्तकारी (कहने के अनुसार करने वाला) माने, उसी से विवाह करे ॥ ४८ ॥
hindi translation