Progress:61.7%

तत्तु श्लाघया रागेण वा बहिनचक्षीत ।। २६ ।।

But she does not boast of the favors or signs of affection she obtains.

english translation

सम्मान का अकथन पति से प्राप्त सम्मान को आत्मश्लाघा (आत्मप्रशंसा) या अनुरागवश भी कभी किसी से न कहे ॥ २६ ॥

hindi translation

tattu zlAghayA rAgeNa vA bahinacakSIta || 26 ||

hk transliteration by Sanscript

भिन्नरहस्या हि भर्तुरवज्ञां लभते ॥ २७ ॥

She who reveals secrets ends by being snubbed by her husband and causes him to humiliate her.

english translation

सम्मान-कथन में दोष—पति का रहस्य प्रकट करने वाली स्त्रियाँ सदैव पति द्वारा तिरस्कृत होती है ॥ २७ ॥

hindi translation

bhinnarahasyA hi bharturavajJAM labhate || 27 ||

hk transliteration by Sanscript

ज्येष्ठाभयाच्च निगूढसम्मानार्थिनी स्यादिति गोनर्दीयः ॥ २८ ॥

According to Gonardiya, out of fear of the chief wife, the younger wife must see that her husband's signs of affection take place in secret.

english translation

ज्येष्ठा के भय से पति से प्राप्त प्रेम एवं सम्मान का आनन्द एकान्त में ही लेना चाहिये- यह इस अधिकरण के व्याख्याता एवं विशेषज्ञ आचार्य गोनर्दीय का मत है ॥ २८ ॥

hindi translation

jyeSThAbhayAcca nigUDhasammAnArthinI syAditi gonardIyaH || 28 ||

hk transliteration by Sanscript

दुर्भगामनपत्यां च ज्येष्ठामनुकम्पेत नायकेन चानुकम्पयेत् ॥ २९ ॥

She must have compassion for the first wife, who has remained barren. The husband must also pity her.

english translation

निःसन्तान पर अनुकम्पा – यदि ज्येष्ठा दुर्भगा (उपेक्षिता) या सन्तानरहित हो, तो उस पर सदैव अनुग्रह रखे और पति से भी अनुग्रह रखने का निवेदन करे ॥ २९ ॥

hindi translation

durbhagAmanapatyAM ca jyeSThAmanukampeta nAyakena cAnukampayet || 29 ||

hk transliteration by Sanscript

प्रसह्य त्वेनामेकचारिणीवृत्तमनुतिष्ठेदिति कनिष्ठावृत्तम् ॥ ३० ॥

By thus flattering the elder a little, she behaves like a loyal wife.

english translation

इस प्रकार कनिष्ठा अपने स्नेहिल व्यवहार से दुर्भगा (उपेक्षिता) का अतिक्रमण कर एकचारिणी के आचरण का पालन करे। यह कनिष्ठावृत्त पूर्ण हुआ ॥ ३० ॥

hindi translation

prasahya tvenAmekacAriNIvRttamanutiSThediti kaniSThAvRttam || 30 ||

hk transliteration by Sanscript