1.
अन्नपानरक्षाकल्पः
Preserving food and drink from poison
2.
स्थावरविषविज्ञानीयकल्पः
Description of Sthavara (vegetable and mineral) poisons
3.
जङ्गमविषविज्ञानीयकल्पः
Description of Jangama (animal) poisons
4.
सर्पदष्टविषविज्ञानीयकल्पः
Description of the poison of a snakebite
•
सर्पदष्टविषचिकित्सितकल्पः
The medical treatment of snake bites
6.
दुन्दुभिस्वनीयकल्पः
Description and preparation medicated drums
7.
मूषिककल्पः
Description of rat-poisoning
8.
कीटकल्पः
The medical treatment of insect bites
षष्ठेऽञ्जनं तीक्ष्णतममवपीडश्च सप्तमे | गर्भिणीबालवृद्धानां सिराव्यधनवर्जितम् ||३०||
In the sixth stage, the physician should use the sharpest form of anjana (collyrium), and in the seventh stage, the method of avapīḍa (pressing) should be followed. This treatment is contraindicated for pregnant women, children, and the elderly, and should avoid any incision or bloodletting.
english translation
छठे चरण में चिकित्सक को सबसे तीक्ष्ण अंजन (कोलीरियम) का प्रयोग करना चाहिए, तथा सातवें चरण में अवपीड़ (दबाने) की विधि का पालन करना चाहिए। यह उपचार गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए वर्जित है, तथा इसमें किसी भी प्रकार का चीरा या रक्तस्त्राव नहीं करना चाहिए।
hindi translation
SaSThe'JjanaM tIkSNatamamavapIDazca saptame | garbhiNIbAlavRddhAnAM sirAvyadhanavarjitam ||30||
hk transliteration by Sanscript