1.
प्रथमोऽध्यायः
Chapter 1
2.
द्वितीयोऽध्यायः
Chapter 2
3.
तृतीयोऽध्यायः
Chapter 3
4.
चतुर्थोऽध्यायः
Chapter 4
5.
पञ्चमोऽध्यायः
Chapter 5
6.
षष्ठोऽध्यायः
Chapter 6
7.
सप्तमोऽध्यायः
Chapter 7
8.
अष्टमोऽध्यायः
Chapter 8
9.
नवमोऽध्यायः
Chapter 9
10.
दशमोऽध्यायः
Chapter 10
11.
एकादशोऽध्यायः
Chapter 11
12.
द्वादशोऽध्यायः
Chapter 12
13.
त्रयोदशोऽध्यायः
Chapter 13
14.
चतुर्दशोऽध्यायः
Chapter 14
15.
पञ्चदशोऽध्यायः
Chapter 15
16.
षोडशोऽध्यायः
Chapter 16
17.
सप्तदशोऽध्यायः
Chapter 17
18.
अष्टादशोऽध्यायः
Chapter 18
19.
एकोनविंशोऽध्यायः
Chapter 19
20.
विंशोऽध्यायः
Chapter 20
21.
एकविंशोऽध्यायः
Chapter 21
•
द्वाविंशोऽध्यायः
Chapter 22
23.
त्रयोविंशोऽध्यायः
Chapter 23
24.
चतुर्विंशोऽध्यायः
Chapter 24
तस्माच्च वृष्टिमांस्तस्य सुषेणोऽथ महीपतिः । सुनीथस्तस्य भविता नृचक्षुर्यत्सुखीनलः ।। ९-२२-४१ ।।
From Śuciratha will come the son named Vṛṣṭimān, and his son, Suṣeṇa, will be the emperor of the entire world. The son of Suṣeṇa will be Sunītha, his son will be Nṛcakṣu, and from Nṛcakṣu will come a son named Sukhīnala. ।। 9-22-41 ।।
english translation
शुचिरथ का पुत्र वृष्टिमान होगा और उसका पुत्र सुषेण नाम का चक्रवर्ती राजा होगा। सुषेण का पुत्र सुनीथ होगा, उसका पुत्र नृचक्षु होगा और नृचक्षु का पुत्र सुखीनल होगा। ।। ९-२२-४१ ।।
hindi translation
tasmAcca vRSTimAMstasya suSeNo'tha mahIpatiH | sunIthastasya bhavitA nRcakSuryatsukhInalaH || 9-22-41 ||
hk transliteration by Sanscript