1.
प्रथमोऽध्यायः
Chapter 1
2.
द्वितीयोऽध्यायः
Chapter 2
3.
तृतीयोऽध्यायः
Chapter 3
4.
चतुर्थोऽध्यायः
Chapter 4
5.
पञ्चमोऽध्यायः
Chapter 5
6.
षष्ठोऽध्यायः
Chapter 6
7.
सप्तमोऽध्यायः
Chapter 7
8.
अष्टमोऽध्यायः
Chapter 8
9.
नवमोऽध्यायः
Chapter 9
10.
दशमोऽध्यायः
Chapter 10
11.
एकादशोऽध्यायः
Chapter 11
12.
द्वादशोऽध्यायः
Chapter 12
13.
त्रयोदशोऽध्यायः
Chapter 13
14.
चतुर्दशोऽध्यायः
Chapter 14
15.
पञ्चदशोऽध्यायः
Chapter 15
16.
षोडशोऽध्यायः
Chapter 16
17.
सप्तदशोऽध्यायः
Chapter 17
18.
अष्टादशोऽध्यायः
Chapter 18
19.
एकोनविंशोऽध्यायः
Chapter 19
20.
विंशोऽध्यायः
Chapter 20
21.
एकविंशोऽध्यायः
Chapter 21
•
द्वाविंशोऽध्यायः
Chapter 22
23.
त्रयोविंशोऽध्यायः
Chapter 23
24.
चतुर्विंशोऽध्यायः
Chapter 24
Progress:87.2%
भीमसेनाद्धिडिम्बायां काल्यां सर्वगतस्ततः । सहदेवात्सुहोत्रं तु विजयासूत पार्वती ।। ९-२२-३१ ।।
sanskrit
Through his wife Hiḍimbā and a son named Sarvagata through his wife Kālī. Similarly, Sahadeva had a son named Suhotra through his wife named Vijayā, who was the daughter of the king of the mountains. ।। 9-22-31 ।।
english translation
अपनी पत्नी हिडिम्बा के गर्भ से तथा अपनी अन्य पत्नी काली के गर्भ से सर्वगत नामक पुत्रों को जन्म दिया। इसी प्रकार सहदेव को उसकी पत्नी विजया से सुहोत्र नाम का पुत्र प्राप्त हुआ। विजया पर्वतों के राजा की पुत्री थी। ।। ९-२२-३१ ।।
hindi translation
bhImasenAddhiDimbAyAM kAlyAM sarvagatastataH | sahadevAtsuhotraM tu vijayAsUta pArvatI || 9-22-31 ||
hk transliteration by SanscriptSrimad Bhagavatam
Progress:87.2%
भीमसेनाद्धिडिम्बायां काल्यां सर्वगतस्ततः । सहदेवात्सुहोत्रं तु विजयासूत पार्वती ।। ९-२२-३१ ।।
sanskrit
Through his wife Hiḍimbā and a son named Sarvagata through his wife Kālī. Similarly, Sahadeva had a son named Suhotra through his wife named Vijayā, who was the daughter of the king of the mountains. ।। 9-22-31 ।।
english translation
अपनी पत्नी हिडिम्बा के गर्भ से तथा अपनी अन्य पत्नी काली के गर्भ से सर्वगत नामक पुत्रों को जन्म दिया। इसी प्रकार सहदेव को उसकी पत्नी विजया से सुहोत्र नाम का पुत्र प्राप्त हुआ। विजया पर्वतों के राजा की पुत्री थी। ।। ९-२२-३१ ।।
hindi translation
bhImasenAddhiDimbAyAM kAlyAM sarvagatastataH | sahadevAtsuhotraM tu vijayAsUta pArvatI || 9-22-31 ||
hk transliteration by Sanscript