मन्यमानो हतं व्याघ्रं पृषध्रः परवीरहा । अद्राक्षीत्स्वहतां बभ्रुं व्युष्टायां निशि दुःखितः ॥ ९-२-८ ॥
In the morning, when Pṛṣadhra, who was quite able to subdue his enemy, saw that he had killed the cow although at night he thought he had killed the tiger, he was very unhappy. ॥ 9-2-8 ॥
english translation
अपने शत्रु का दमन करने में समर्थ पृषध्र ने प्रात:काल जब देखा कि उसने गाय का वध कर दिया है, यद्यपि रात में उसने सोचा था कि उसने बाघ को मारा है, तो वह अत्यन्त दुखी हुआ। ॥ ९-२-८ ॥
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