Apart from the Yogis, there are three other types of karma. According to those deeds, a person gets their fruits and enjoyments in the form of desires i.e. Sanskaras (Latent impressions).
english translation
जो योगियों के अतिरिक्त अन्य तीन प्रकार के कर्म होते हैं । उन कर्मों के अनुसार ही व्यक्ति को उनके फल भोगों की प्राप्ति वासनाओं अर्थात संस्कारों के रूप में होती है।