The chant and pronounciation of AUM gives the true knowledge of the Aatma (soul) and eradicate all obstacles which comes in the path of the seeker or practitioner
english translation
ओ३म् नाम के जप या उच्चारण से साधक में अन्तरात्मा के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान होता है , और उसकी सभी बाधाएं या विध्नों की भी समाप्ति हो जाती है ।
Vyadhi (disease ), Styana (inactivity or stealing the mind from work), Sanshaya (doubt), Pramada (negligence), Aalasya (lethargy), Avirati (attachment to objects or pleasures), Bhranti Darshana (opposite knowledge or misinformation), Alabdhabhumikattva (non- attainment of samadhi), Anavasthitatva (loss of concentration or state of samadhi or unsteady state of samadhi), these are the 9 Antaraya or obstacles that disturb the mind.
english translation
व्याधि ( रोग या बीमारी ), स्त्यान ( अकर्मण्यता अथवा काम से मन चुराना ), संशय ( आशंका या सन्देह ), प्रमाद ( लापरवाही ), आलस्य ( सुस्ती ), अविरति ( विषयों में राग अथवा भोगों में आसक्ति ), भ्रान्तिदर्शन ( विपरीत ज्ञान या गलत जानकारी ), अलब्धभूमिकत्त्व ( चित्त का एकाग्र न होना या समाधि की प्राप्ति न होना ), अनवस्थितत्त्व ( एकाग्रता या समाधि की स्थिति का छूट जाना या समाधि की अस्थिर अवस्था ), ये सभी चित्त को विक्षिप्त करने वाली 9 विघ्न या बाधाएं हैं।