आगतस्य प्रीतिकौतुकजननं किञ्चिद् द्रव्यजातं स्वयमिदमसाधारणोपभोग्यमिति प्रीतिदायं दद्यात् ॥ २७ ॥
When he arrives, he brings her, as a sign of affection, something charming or surprising that she would usually not have.
english translation
आगत का स्वागत - जब नायक वेश्या के घर आ जाये, तो वेश्या उसे प्रेमोपहार स्वरूप ऐसी बहुमूल्य एवं असाधारण वस्तु स्वयं भेंट करे जो प्रीति एवं विस्मय उत्पन्न करने बाली हो ॥ २७ ॥