तन केवलमिहैव सर्वत्र हि लोके कतिचिदेव शास्त्रज्ञाः सर्वजनविषयश्च प्रयोगः ॥ ५ ॥
In all fields, and not only as concerns sexual relations, few know the theoretical aspect of things.
english translation
यह बात केवल कामशास्त्र के विषय में ही सत्य हो ऐसा नहीं है, बल्कि सर्वत्र देखी जाती है कि लोक में शास्त्रों के जानने वाले कुछ ही होते हैं, पर उसका प्रयोग सभी लोग करते हैं ॥ ५॥