भोजनावशिष्टाद् गोरसाद् घृतकरणम्, तथा तैलगुडयोः । कर्पासस्य च सूत्रकर्तनम् सूत्रस्य वानम् । शिक्यरज्जुपाशवल्कलसंग्रहणम्। कुट्टनकण्डनावेक्षणम् । आमचामण्डतुषकखकुट्यङ्गाराणामुपयोजनम्। भृत्यवेतनभरणज्ञानम् । कृषि-पशुपालनचिन्तावाहनविधानयोगाः । मेषकुक्कुटलावकशुकशारिकापरभृतमयूरवाग्यमृगाणामवेक्षणम्। दैवसिकायव्ययपिण्डीकरणमिति च विद्यात् ॥ ३३ ॥
A good wife should always take care to make butter with leftover milk; prepare molasses with sugarcane and oil with colza, etc., spin cotton and make cloth with the thread; stow away pieces of string, cord, thread, or bark; check stores of wheat and rice; supervise the servants; set aside the rice water, wheat bran, and burnt charcoal for reuse; take care of the domestic animals, the sheep, chickens, quails, parrots, mynahs, nightingales, peacocks; and each day make accounts of entries and expenses. These are the things with which a good wife should busy herself.
english translation
व्यवस्थाविषयक निर्देश भोजन से बचे गोरस (दही, मक्खन) से घी, ईख (गन्न|)से गुड़ एवं सरसों आदि में तेल निकालना से सूत कातना और सूत से पान छीके, रस्सी, फन्दे एवं वल्कल आदि सहेजकर रखना, दासियों द्वारा अनाजों एवं दालों को छड़ते फटकते, दलते एवं कूटते समय ध्यान रखना, भात (चावल) का मौड़ धान की भूसी, चावल की किनकी, पशुओं का अवशिष्ट चारा (कुट्टी) और जले हुए कोयलों का पुनः उपयोग करना, नौकरों के वेतन एवं भोजन का ध्यान रखना, कृषि एवं पशुपालन को चिन्ता करना, गाड़ी रथ आदि वाहनों की व्यवस्था रखरखाव करना भेड़, मुर्गा,लवा, तोता, मेना, कोयल, मोर,बन्दर, मृग आदि पशु-पक्षियों की देखभाल और दिनभर के आय-व्यय का लेखा- जोखा रखना इन बातों का भाव को सदैव ध्यान रखना चाहिये ॥ ३३ ॥
hindi translation
bhojanAvaziSTAd gorasAd ghRtakaraNam, tathA tailaguDayoH | karpAsasya ca sUtrakartanam sUtrasya vAnam | zikyarajjupAzavalkalasaMgrahaNam| kuTTanakaNDanAvekSaNam | AmacAmaNDatuSakakhakuTyaGgArANAmupayojanam| bhRtyavetanabharaNajJAnam | kRSi-pazupAlanacintAvAhanavidhAnayogAH | meSakukkuTalAvakazukazArikAparabhRtamayUravAgyamRgANAmavekSaNam| daivasikAyavyayapiNDIkaraNamiti ca vidyAt || 33 ||
hk transliteration by Sanscript