Patanjali Yog Sutra
क्रमान्यत्वं परिणामान्यत्वे हेतुः ॥३-१५॥
With the change in the sequence of Dharmi (substratum)then the result also changes.
english translation
सामान्य रूप से एक धर्मी अर्थात किसी वस्तु का जो आधार होता है उनका एक ही परिणाम होना चाहिए । परन्तु जब उस धर्मी का क्रम अर्थात अवस्था बदलती है तब उसका परिणाम भी साथ ही बदल जाता है ।
hindi translation
क्रमान्यत्वं परिणामान्यत्वे हेतुः ॥३-१५॥
With the change in the sequence of Dharmi (substratum)then the result also changes.
english translation
सामान्य रूप से एक धर्मी अर्थात किसी वस्तु का जो आधार होता है उनका एक ही परिणाम होना चाहिए । परन्तु जब उस धर्मी का क्रम अर्थात अवस्था बदलती है तब उसका परिणाम भी साथ ही बदल जाता है ।
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