Kamasutra

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कामयन्ते विरज्यन्ते रञ्जयन्ति त्यजन्ति च । कर्षयन्त्योऽपि सर्वार्थान् ज्ञायन्ते नैव योषितः ॥ ७६ ॥

"The courtesan arouses desire, brings pleasure, inspires love, then goes away after devouring all the money of those she seduces."

english translation

वेश्याएँ अपने नायकों को चाहती हैं, उन पर अनुरक्त भी रहती हैं और विरक्त भी, उनको अनुरक्त भी बना देती हैं और त्याग भी देती हैं। वे नायक के धन को इस प्रकार से खींचती है कि पुरुष को कुछ भी पता नहीं चलता ॥ ७६ ॥

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