तथाभूतमेव रागवशादर्धप्रविष्टं निर्दयमवपीड्यावपीड्य मुछेत्। इत्याम्रचूषितकम् ॥ २२ ॥
Sucking the mango [amrachushitaka] : Having bared the mast, pressing the organ hard, passionately, while half inside, and sucking while pressing, is known as sucking the mango.
english translation
आम्रचूषितक – यदि राग बढ़ जाने के कारण नायक शिश्न को यों ही नपुंसक के मुख में आधा डाल दे, और वह ओष्ठों से बार बार दबाकर छोड़ दे, तो यह आम्रचूषितक कहलाता है ॥ २२ ॥