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वडवेव निष्ठुरमवगृह्णीयादिति वाडवकमाभ्यासिकम् ॥ २१ ॥

The mare [vadavaka]: Like the mare who seizes the instrument without moving, the same name is given to a similar performance.

english translation

वाड़वक जिस प्रकार समागम के समय घोड़ी घोड़े के शिश्न को कसकर जकड़ लेती है, उसी प्रकार जब स्त्री, पुरुष के शिश्न को प्रविष्ट होते ही जकड़ से और पुरुष के शिश्नसचालन के समय भी दृढ़तापूर्वक उसे जकड़े रखे, तो इसे वाढवक आसन कहते हैं। यह आभ्यासिक अर्थात् अभ्यास से सिद्ध होने वाला आसन है ॥ २१ ॥

hindi translation

vaDaveva niSThuramavagRhNIyAditi vADavakamAbhyAsikam || 21 ||

hk transliteration by Sanscript

तदान्धीषु प्रायेण इति संवेशनप्रकारा बाधवीयाः ॥ २२ ॥

According to the disciples ofBabhru, this form of pen¬ etration is particularly widespread in Andhra country.

english translation

आन्ध्रप्रदेश की स्त्रियों में इस वाढ़वक आसन का विशेष प्रचलन है। इस प्रकार बाभ्रवीय आचार्यों द्वारा कथित संवेशन प्रकार (सम्भोग के आसन) पूर्ण हुए ॥ २२ ॥

hindi translation

tadAndhISu prAyeNa iti saMvezanaprakArA bAdhavIyAH || 22 ||

hk transliteration by Sanscript

सौवर्णनाभास्तु ।। २३ ।।

We will now go on to the opinions of Suvarnanabha.

english translation

अब आचार्य सुवर्णनाभ द्वारा कथित आसनों को बताते हैं ॥ २३ ॥

hindi translation

sauvarNanAbhAstu || 23 ||

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उभावप्यूरू ऊर्ध्वादिति तद् भुग्नकम् ॥ २४ ॥

Bent [bhagnaka]: For the position known as bhagnaka, both thighs are raised in the air.

english translation

भुग्नक – यदि स्त्री अपनी दोनों जाँघों को ऊपर उठा दे, तो इसे भुग्नक आसन कहते हैं ॥ २४ ॥

hindi translation

ubhAvapyUrU UrdhvAditi tad bhugnakam || 24 ||

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चरणावूर्ध्व नायकोऽस्या धारयेदिति जृम्भितकम् ॥ २५ ॥

Gaping [jrimbhitaka] : She raises both her legs and places them on the boy's shoulders. It is the knee-joint that rests on the shoulder.

english translation

जृम्भितक – जब नायक, नायिका के दोनों पैरों को कन्धे पर धारण कर लेता है तो उसे जृम्भितक आसन कहते हैं ॥ २५ ॥

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caraNAvUrdhva nAyako'syA dhArayediti jRmbhitakam || 25 ||

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