स द्विविधः पार्श्वसम्पुट उत्तानसम्पुटश्च तथा कर्मयोगात् ॥ १७ ॥
It is of two kinds: side by side, or one on top of the other.
english translation
सम्पुटक आसन दो प्रकार का होता है-पाश्र्व सम्पुट और उत्तान सम्पुट क्योंकि सम्पुटक आसन में स्त्री को चित लिटाकर भी समागम किया जा सकता है और बगल में करवट के बल लिटाकर भी, इसलिए यह पार्श्व और उत्तान दो प्रकार का होता है। १७ ॥
hindi translation
sa dvividhaH pArzvasampuTa uttAnasampuTazca tathA karmayogAt || 17 ||